NLM बकरी पालन योजना की पूरी जानकारी
🔶 योजना का परिचय
राष्ट्रीय पशुधन मिशन का संचालन भारत सरकार, पशुपालन विभाग द्वारा वर्ष 2014-15 से किया जा रहा है। पशुपालन के क्षेत्र में विकास की अपार संभावना एवं वर्तमान आवश्यकताओ को देखते हुए वर्ष 2021-22 में योजना को संशोंधित कर पुनर्नियोजित कर उद्यमिता विकास कार्यक्रम का समावेश किया गया है। योजना देश के सभी राज्यों में संचालित है। बकरी पालन (Goat Farming) योजना भारत के ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह न केवल रोजगार सृजन करता है बल्कि किसानों को अतिरिक्त आय का एक स्थायी स्रोत भी प्रदान करता है। बकरियों को "गरीबों की गाय" कहा जाता है क्योंकि इन्हें कम संसाधनों में आसानी से पाला जा सकता है और ये जल्दी रिटर्न देती हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों, महिलाओं और युवाओं को बकरी पालन के लिए वित्तीय सहायता, तकनीकी ज्ञान और बाजार संपर्क उपलब्ध कराना है। इस संबंध में सभी राज्यों में प्रशिक्षण केन्द्र की भी व्यवस्था भी विभाग द्वारा की जाती है जिससे प्रशिक्षित होकर बेजरोजगार युवक-युवति स्वयं का रोजगार प्राप्त कर लाभान्वित हो सकें ।
🔰 राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) की भूमिका
भारत सरकार ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत बकरी पालन योजना (Goat Farming Scheme) चलाई जाती है, जिसमें किसानों और उद्यमियों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी प्रदान की जाती है। जिससे किसानों महिलाओं बेरोजगार युवक-युवतियों की आय में वृद्धि की जा सके व उन्हें रोजगार के अवसर के रूप में बकरी पालन योजना को स्थापित किया सके।
ग्रामीण अर्थवस्था को सशक्त बनाना
राष्ट्रीय पशुधन मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों और छोटे किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत में लगभग 10 करोड़ किसान पशुपालन से जुड़े हैं, और यह मिशन उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सब्सिडी, ऋण, और प्रशिक्षण प्रदान करता है जिसके कारण विशेष रूप से बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को रोजगार का अवसर प्रदान होता है। जिससे खेती के साथ पशु पालन अथवा बकरी पालन योजना के माध्यम से आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सके ।
बकरी पालन को बढ़ावा देना

राष्ट्रीय पशुधन मिशन बकरी पालन को विशेष रूप से प्रोत्साहित करता है, क्योंकि यह छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक किफायती और लाभकारी व्यवसाय है। मिशन के तहत बकरी प्रजनन इकाइयों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उदाहरण के लिए :-
100 बकरी + 5 बकरा - योजना 25 लाख
सबसिडी 10 लाख खुद का अंश 5 लाख जमीन 1.5 एकड होनी चाहिए
200 बकरी + 10 बकरा - योजना 50 लाख
बैंक सबसिडी 20 लाख । 5 लाख खुद का अंश दान
300 + 15 बकरा - योजना 75 लाख
400 बकरी +20 बकरा
500 बकरी + 25 बकरा यह सहायता छोटे पशुपालको बडे पैमाने पर पशुपालन के लिए प्रोत्साहित करती है ।
चारा और आहार संसाधन विकास
चारे की उपलब्धता पशुधन क्षेत्र की एक प्रमुख चुनौती है। एनएलएम इस समस्या को हल करने के लिए चारा उत्पादन और भंडारण को बढ़ावा देता है। यह चारा ब्लॉक निर्माण, चारा भंडारण सुविधाओं, आदि के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है। इसके अलावा, गैर-वन भूमि और बंजर भूमि पर चारा खेती को प्रोत्साहित किया जाता है, जो पर्यावरणीय स्थिरता को भी बढ़ावा देता है।
नस्ल संरक्षण और सुधार
मिशन स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और सुधार पर विशेष ध्यान देता है। यह नस्ल विकास के लिए प्रजनन फार्मों और वीर्य केंद्रों की स्थापना को प्रोत्साहित करता है। जिससे पशु नस्ल संरक्षण के लिए राज्य सरकारों को सहायता प्रदान की जाती है। यह न केवल स्वदेशी नस्लों को विलुप्त होने से बचाता है, बल्कि पशु उत्पादकता को भी बढ़ाता है।
2. योजना का उद्देश्य
👉NLM योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:
✅ पशुधन उत्पादकता बढ़ाना – दूध, मांस, अंडा और ऊन जैसे उत्पादों की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार करना।
✅ किसानों की आय दोगुनी करना – पशुपालन को लाभदायक बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना।
✅ वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा – आधुनिक तकनीकों और नस्ल सुधार कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करना।
✅ महिलाओं और युवाओं को रोजगार – ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर पैदा करना।
✅ पशु स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित करना – टीकाकरण, चिकित्सा सहायता और बीमा योजनाएँ प्रदान करना।
👉 NLM योजना किन-किन पशुओं के लिए लागू है?
NLM योजना विभिन्न पशुधन क्षेत्रों को कवर करती है, जिनमें शामिल हैं:
1. बकरी पालन (Goat Farming)
उन्नत नस्लों (जैसे जमुनापारी, बीटल, सिरोही) को बढ़ावा।
बकरी फार्म स्थापित करने के लिए सब्सिडी और ऋण सुविधा।
2. मुर्गी पालन (Poultry Farming)
लेयर मुर्गियाँ (अंडे उत्पादन) और ब्रॉयलर मुर्गियाँ (मांस उत्पादन) के लिए सहायता।
मिनी पोल्ट्री फार्म स्थापित करने के लिए वित्तीय मदद।
3. भेड़ पालन (Sheep Farming)
ऊन और मांस उत्पादन के लिए भेड़ पालन को प्रोत्साहन।
नस्ल सुधार कार्यक्रम और स्वास्थ्य प्रबंधन।
4. डेयरी फार्मिंग (Dairy Farming)
गाय और भैंस पालन को बढ़ावा।
दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नस्ल सुधार योजनाएँ।
5. सुअर पालन (Pig Farming)
मांस उत्पादन के लिए सुअर पालन को प्रोत्साहित करना।
सुअर पालन इकाइयों के लिए सब्सिडी।
6. मछली पालन (Fisheries)
- तालाब और टैंक आधारित मत्स्य पालन को बढ़ावा।
- मछली किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता
👉बकरी पालन योजना का लाभ
राष्ट्रीय पशुधन मिशन अन्तर्गत योग्य उद्यमियों को प्रोजेक्ट के स्थाई लागत की 50% तक अनुदान की पात्रता होगी किन्तु परियोजनावार अनुदान की अधिकतम सीमा योजना में निर्धारित मामदण्ड के आधार दी जावेगी ।
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पशु
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इकाई संख्यावार |
अनुदान की अधिकतम सीमा |
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भेड / बकरी |
100 मादा + 05 नर |
10 लाख
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200 मादा + 10 नर
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20 लाख
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300 मादा + 15 नर
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30 लाख
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400 मादा + 20 नर |
40 लाख
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500 मादा + 25 नर
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50 लाख |
(अनुदान का मापदण्ड योजना द्वारा जुटाई गयी जानकारी के आधार है। शासन की योजना अनुसार इसमें कमी व वृद्धि की जानकारी निकटतम विभाग से प्राप्त करें।)
👉अनुदान की प्रक्रिया
इस योजना के तहत निम्न मानदण्डों को पूरा कर आप अनुदान का लाभ प्राप्त कर सकते है :-
भारत सरकार पशुपालन विभाग की प्रोेजेक्ट एप्रबूल कमेटी
पीएसी द्वारा पात्र आवेदनों को अनुदान की स्वीकृति प्रदान की जाती है ।
अनुदान स्वीकृति के बाद आवेदक द्वारा बैंक से आवश्यकता
अनुसार ऋण की प्रथम किश्त प्राप्त कर
परियोजना का कार्य प्रारंभ किया जाता है।
उद्यमि द्वारा परियोजना की कुल लागत राशि की 25 से 50% राशि का उपयोग
परियोजना के निर्धारित घटकों में किये
की सूचना राज्य क्रियान्वयन
एजेंसी एवं बैंक को दी जाती है।
राज्य क्रियान्वयन एजेंसी एवं बैंक के अधिकारी उद्यम स्थापना अन्तर्गत किये गये कार्याें एवं व्यय का भौतिक सत्यापन किया जाता है ।
भौतिक सत्यापन के बाद क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा प्रोगेस रिपोर्ट के साथ 1 st Milestone Completion Certificate NLM पोर्टल में अपलोड किया जाता है।
भारत सरकार द्वारा परियोजना के प्रगति प्रतिवेदन के आधार पर स्वीकृत अनुदान की 50 प्रतिशत राशि भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक सिडबी के माध्यम से विमुक्त कर उद्यमि/आवेदक के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है
इसी प्रकार परियोजना 10% पूर्ण होने के बाद उद्यमि द्वारा प्रस्तुत किया गया Integrity Compliance, Surety Bond प्रोग्रेस रिपोर्ट , बिल के साथ 2nd Milestone Completion Certificate NLM पोर्टल में अपलोड किया जाता है, तब अनुदान की शेष 50% राशि विमुक्त कर उद्यमि के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है।
योजना अंतर्गत योग्य उद्यमियों को प्रोजेक्ट के स्थाई लागत की 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है जिसमें प्राजेक्ट हेतु भूमि के क्रय /लीज/किराया एवं स्वयं के लिए वाहन क्रय हेतु अनुदान की पा़त्रता नहीं होती है ।
👉पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
💥कौन आवेदन कर सकता है?
NLM बकरी पालन योजना में निम्नलिखित व्यक्ति/समूह आवेदन करने के पात्र हैं:
व्यक्तिगत किसान (Individual Farmers)
छोटे एवं सीमांत किसान (1-2 एकड़ जोत वाले)
भूमिहीन किसान (लीज/रेंटल एग्रीमेंट वाले)
स्वयं सहायता समूह (SHGs)
5-10 सदस्यों वाले पंजीकृत समूह
75% महिला सदस्यों वाले समूहों को प्राथमिकता
किसान उत्पादक संगठन (FPOs/FPCs)
न्यूनतम 20 किसान सदस्य
पंजीकृत FPO होना आवश्यक
महिला उद्यमी (Women Entrepreneurs)
स्वयं की या पति/परिवार की भूमि पर
विधवा/एकल महिलाओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन
युवा किसान (18-45 वर्ष)
कृषि पृष्ठभूमि वाले ग्रामीण युवा
किसान परिवार से संबंधित
आदिवासी/SC-ST समुदाय
विशेष सब्सिडी दरों पर लाभ
आयु एवं शैक्षणिक योग्यता
| पात्रता प्रकार | न्यूनतम आयु | शैक्षणिक योग्यता |
|---|---|---|
| व्यक्तिगत किसान | 18 वर्ष | कोई औपचारिक शिक्षा आवश्यक नहीं |
| SHG सदस्य | 21 वर्ष | 8वीं पास (वांछित) |
| FPO प्रतिनिधि | 25 वर्ष | 10वीं पास |
| युवा उद्यमी | 18-45 वर्ष | कृषि संबंधी प्रशिक्षण लाभकारी |
विशेष शर्तें:
भूमि आवश्यकता:
न्यूनतम 0.5 एकड़ चारागाह
वैकल्पिक: 3 वर्ष का लीज एग्रीमेंट (रजिस्टर्ड)
पिछला अनुभव:
नए उद्यमियों के लिए 15 दिवसीय प्रशिक्षण अनिवार्य
पशुपालन पृष्ठभूमि वालों को प्राथमिकता
बैंकिंग मानदंड:
सक्रिय बचत खाता (न्यूनतम 6 माह पुराना)
CIBIL स्कोर 700+ (ऋण के लिए)
👉आवश्यक दस्तावेज
1 आधार कार्ड
2 पेन कार्ड
3 बिजली बिल
4 सहमति या लीज खसरा बही की कापी ( खुद की है तो सहमति ) नहीं तो लीज बनावना पडेगा
5 मार्कसीट
6 बैक पास बुक की कॉपी जिस बैंक में आवेदन जायेगा उसकी
7 केन्सिल चेक जिस बैंक में आवेदन जायेगा उसका
8 6 माह का स्टेटमेंट
9 जाति प्रमाण पत्र
10 जगह की फोटो गूगल जियो टैगिग द्वारा खीची गयी
11 टेनिंग प्रमाण पत्र
12 अनुभव प्रमाण पत्र
13 मूल निवास
14 आय प्रमाण पत्र
15 प्रोजेक्ट रिपोर्ट डिटेल वाली
16 पासपोर्ट फोटो
ब्रीडर फार्म की स्थापना के लिए भेड़ और बकरी उद्यमिता के तहत वित्त पोषण के लिए पात्र वस्तुओं की सूची
👉 आवेदन प्रक्रिया: NLM बकरी पालन योजना में आवेदन कैसे करें?
सर्वप्रथम अपने जिले के पशुपालन विभाग से संपर्क करें और संबंधित अधिकारी से संपर्क करें। योजना के विषय में संपूर्ण जानकारी ले और लगने वाले आवश्यक दस्तावेजों के बारे में जानकारी प्राप्त करें । प्राेजेक्ट रिर्पोट सीए या अन्य अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी लेकर बनाना आवश्यक है । प्रमाण पत्रों में क्या क्या अपलोड करना है जानकारी लें । बकरी पालन योजना से संबंधित प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्राप्त करना होता है जिसे पोर्टल पर भी अपलोड करना पडता है । इसके बाद आप स्वयं या ऑनलाईन सेंटर से संपर्क कर अपना आवेदन पूर्ण करवा सकते है इसकी आधिकारिक वेबसाईट है 👉योजना की आधिकारिक बेबसाईट है। इस लिंक पर क्लिक करने के बाद आपको लागिन करना होगा जो आप अपने मोबाईल नंबर के द्वारा कर सकते है मोबाईल नंबर डालने के बाद आपको एक ओटीपी प्राप्त होगा जिसे डालने के बाद आप एपलीकेन्ट डिटेल पूरी करनी होगी जिसके अंतर्गत आपको breed development of livestock and poultry को चुनना होगा उसके बाद इसके बाजू में establishment of entrepreneurs for breed development in small sheep goat farming को चुनना है । फिर आवेदक की श्रेणी को चुनना है । फिर अपना पूरा नाम एवं पता, पेन नंबर , पिता का नाम, ईमेल ,जन्म तिथी, अपना जेन्डर , शैक्षणिक योग्यता , इसके बाद अगर अपने मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण संस्था से प्रशिक्षण प्राप्त किया है तो उसकी जानकारी देना है । आय, यूनिट का पता , प्राजेक्ट रिपोर्ट अनुसार लागत भरना , एवं किस बैंक से लोन लेना चाहते उसकी जानकारी भरनी होगी। उसके बाद डाक्युमेन्ट अपलोड कर फार्म को सबमिट करना होगा । आवश्यक दस्तावेजो की जानकारी उपर दी जा चुकी है । उसके आधार पर आप दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं।
👉योजना में चुनौतियां क्या आ सकती है ?
जानकारी का आभाव : कई पशुपालकों को योजनाओं और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी नहीं होती।
खर्च की अधिकता : शेड निर्माण और बकरी खरीद के लिए शुरुआती खर्च अधिक हो सकता है।
बाजार की कीमतों उतार चढाव : मांस और दूध की कीमतों में उतार-चढ़ाव।
बकरी में बीमारी : बकरियों को समय पर टीकाकरण न होने से बीमारियों का खतरा।
प्रशिक्षण का आभाव : छोटे किसानों के लिए लंबे समय तक प्रशिक्षण प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
👉क्या सुझाव अपनाये
प्रशिक्षण लें: बकरी पालन शुरू करने से पहले स्थानीय पशुपालन विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त करें।
उन्नत नस्ल चुनें: जमुनापारी, सिरोही, या बरबरी जैसी नस्लें अधिक उत्पादकता देती हैं।
व्यवसाय योजना तैयार करें : लागत, लाभ, और बाजार में उपलब्धता की जानकारी रखे।
स्थानीय संसाधनों का उपयोग: स्थानीय चारे जैसे खेत के एक हिस्से में चारे की उगाही करना जिससे खर्च में नियंत्रण होता है ।
सरकारी कार्यालय से संपर्क करें: सब्सिडी और लोन की सटीक जानकारी के लिए पशुपालन विभाग या बैंक से संपर्क करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: क्या सभी को सब्सिडी मिलती है?
उत्तर: पात्र लाभार्थियों को सब्सिडी मिलती है, विशेष रूप से SC/ST/Women को अधिक दर पर ।Q2: आवेदन कहां करें?
उत्तर: जिला पशुपालन कार्यालय या बैंक के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।Q3: योजना के तहत अधिकतम कितनी सब्सिडी मिल सकती है?
उत्तर: उपर चार्ट के माध्यम से बताया गया है । योजना के तहत अधिकतम लागत का 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्राप्त की जा सकती है, जो परियोजना की लागत और इकाई के आकार पर निर्भर करती है।Q4: क्या भूमि खरीद पर भी सब्सिडी मिलती है?
उत्तर: नहीं, योजना में बकरी ,शेड निमार्ण पर सब्सिडी दी जाती है भूमि की खरीद, लीज या किराये पर सब्सिडी नहीं दी जाती है।👉निष्कर्ष
